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पलायन की मजबूरी और छटपटाहट का चि‍त्रण- ‘नेचुरल रिंगटोन’  

चित्तौडगढ़ : ‘सम्भावना’ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कहानीकार कर्नल मुकुल जोशी ने अपनी कहानी ‘नेचुरल रिंगटोन’ का पाठ किया।

विजन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में 14 नवंबर को आयोजि‍त कार्यक्रम में कर्नल जोशी ने प्रभावपूर्ण ढंग से कहानी सुनाई। कहानी में पहाडी़ गांव के वातावरण, खानपान, आस्थाओं, मानवीय पारिवारिक सम्बन्धों से लेकर गीत और परम्पराओं को पिरोया गया है। कुमाऊंनी भाषा के आंचलिक शब्दों ने कहानी को मर्मस्पर्शी बना दिया। आधुनिक जीवन में पढा़ई या आजीविका के कारण गांव छोड़कर मजबूरी में शहर में बस जाने पर होने वाली छटपटाहट भी कहानी में बारिकी से चित्रित हुई है।

कहानी पाठ के बाद महेंद्र खेरारू के प्रश्‍न के जवाब में कहानीकार ने बताया कि आधुनिक सोशल मीडिया के कारण बडी़ संख्या में रचनाएं इन पर आ रही हैं, पर जल्दबाजी के चलते इनमें सार्थकता की कमी है। हालांकि नये रचनाकारों को इससे प्रोत्साहन मिल रहा है। इन रचनाओं में से वे ही बचेंगी, जो शाश्‍वत होंगी। एम.एल. डाकोत ने पश्‍चि‍मी संस्कृति ओैर भारतीय संस्कृति में बेहतर कौन का सवाल उठाया। जोशी ने बताया कि भारतीय संस्कृति विश्‍व में प्राचीन और श्रेष्ठतम मानी जाती है, पर हमें सभी से उपयोगी तत्वों को ग्रहण करना चाहिए। कवि नन्दकिशोर निर्झर ने कहानी पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि रचना में रचनाकार बोलता है। कहानी पर योगेश शर्मा ने भी अपने विचार प्रकट किये। कार्यक्रम का संचालन कर रहे लक्ष्मण व्यास के प्रश्‍नों के जवाब में कर्नल जोशी ने बताया कि सेना में काम करना नौकरी मात्र नहीं है, यह देश की सेवा और जीवन जीने की शैली और कला है।

प्रारम्भ में कहानीकार का परिचय देते हुए डॉ. कनक जैन ने बताया कि मुकूल जोशी का कहानी संग्रह ‘मैं यहां कुशल से हूं’  प्रकाशि‍त हो चुका हैं। उनकी कहानियां हंस, ज्ञानोदय, कथादेश जैसी साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशि‍त हो चुकी हैं। वे चित्तौड़गढ़ के सैनिक स्कूल सहित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई एवं पंचमढ़ी आदि स्थानों पर कार्य कर चुके हैं। कार्यक्रम में स्थानीय कॉलेज में हिन्दी विभागाध्यक्ष अखिलेश चाष्टा, चित्रकार मुकेश शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार नटवर त्रिपाठी, विकास अग्रवाल, गोपाल जाट,  पूजा जोशी आदि‍ साहित्य प्रेमी उपस्थित थे। विजन कॉलेज की निदेशक डॉ. साधना मण्डलोई ने कहानीकार जोशी का स्वागत कि‍या। संभावना के अध्यक्ष डॉ. के.सी. शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

प्रस्‍तुति‍ : डॉ. कनक जैन