नई दिल्ली : प्रतिरोध के सिनेमा अभियान का यह 26वां और आजमगढ़ का पहला फिल्म फेस्टिवल 14 जुलाई को सुबह 11 बजे आजमगढ़ के नेहरू हाल में शुरू होगा। लेखिका और एक्टिविस्ट अरुंधति राय के वक्तव्य से इसकी शुरुआत होगी।
फिल्म फेस्टिवल में अपनी फिल्मों के साथ दिल्ली से संजय काक व अनुपमा श्रीनिवासन और भुवनेश्वर से सूर्यशंकर दाश हिस्सा लेंगे। गोरखपुर फिल्म सोसाइटी की पहली डाक्यूमेंटरी ‘खामोशी’, जो कि पूर्वांचल में महामारी की तरह कायम इन्सेफेलाइटिस बीमारी से सम्बंधित है, भी दिखाई जायेगी।
इस फेस्टिवल में छोटी-बड़ी 15 फिल्मों के अलावा अशोक भौमिक द्वारा प्रगतिशील भारतीय चित्रकारों के चित्रों की प्रदर्शनी ‘जन चेतना के चितेरे’ और अजय जेतली और अंकुर द्वारा तैयार विश्व सिनेमा की 11 कालजयी फिल्मों के पोस्टरों की प्रदर्शनी भी दिखाई जायेगी। गोरखपुर फिल्म सोसाइटी भी डीवीडी और किताबों की बिक्री के लिये अपना स्टाल लगायेगी। फेस्टिवल के दूसरे दिन सुबह 11 बजे से लेकर 1 बजे तक बच्चों के लिये एक छोटी और एक फ़ीचर फिल्म दिखाई जायेगी। इस मौके पर अशोक भौमिक के उपन्यास ‘ शिप्रा एक नदी का नाम है’ का लोकार्पण भी होगा। फेस्टिवल में शिरकत करने के लिए किसी भी तरह के औपचारिक आमन्त्रण की जरूरत नहीं है।
अधिक जानकारी के लिये सम्पर्क करें- संजय जोशी, संयोजक, प्रतिरोध का सिनेमा का राष्ट्रीय अभियान, जन संस्कृति मंच
मोबाइल नम्बर- 9811577426, ईमेल- thegroup.jsm@gmail.com



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