नई दिल्ली : बनारस घराने की मशहूर गायिका पद्मश्री गिरिजा देवी को शुक्रवार को प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी रत्न सदस्यता पुरस्कार 2010 से सम्मानित किया गया। संगीत नाटक अकादमी द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने उन्हें पुरस्कार स्वरूप स्मृति चिन्ह व तीन लाख रुपए का चेक प्रदान किया। गिरिजा देवी के अतिरिक्त टीके मूर्ति, रहीम फहीमुद्दीन डागर व नटराज रामकृष्णा को भी वर्ष 2010 के संगीत नाटक अकादमी रत्न सदस्यता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। नटराज रामकृष्णा को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया गया। इस दौरान छन्नू लाल मिश्रा, यशपाल, बुधादित्य मुखर्जी, नित्यानंद हल्दीपूर सहित 36 अन्य को अकादमी पुरस्कार 2010 से सम्मानित किया गया।
शुक्रवार को कमानी सभागार में आयोजित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2010 समारोह के दौरान गिरिजा देवी, टीके मूर्ति, रहीम फहीमुद्दीन डागर व नटराज रामकृष्णा को रत्न साहित्य सम्मान से अलंकृत किया गया। इसके अतिरिक्त संगीत, नाटक, नृत्य, पारंपरिक, लोक, जनजातीय नृत्य, संगीत, नाटक एवं पुतुलकला आदि के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदानों को देखते हुए 36 अन्य लोगों को अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें छन्नू लाल मिश्रा (हिंदुस्तानी गायन), यशपाल (हिंदुस्तानी गायन), बुधादित्य मुखर्जी (सितार), नित्यानंद हल्दीपूर (बांसुरी), सुगुणा पुरूषोत्तमन (कर्नाटक गायन), मैसूर नागमणि श्रीनाथ (कर्नाटक गायन), नागई आर मुरलीधरन (वायलिन), श्रीमुशनम वी राजाराव (मृदंगम), एमवी सिंहाचल शास्त्री (हरिकथा) को संगीत के क्षेत्र में किए गए योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
नृत्य के क्षेत्र में योगदान के लिए मालविका मित्र (कथक), कलामंडलम गोविंद नायर (कथकलि), फान्जौबम इबोतोन सिंह (मणिपुरी), रत्ना कुमार (कूचिपूडि़), अरुणा मोहन्ती (ओडिसी), माणिक बड़बायन (सत्रिय), उत्तरा अशा कूर्लावाला (सृजनात्मक नृत्य), कलामंडलम पेनकुलम रामन (कूटियाट्टम) व एस राजेश्वरी (भरतनाट्यम) को अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
नृत्य के क्षेत्र में योगदान के लिए मालविका मित्र (कथक), कलामंडलम गोविंद नायर (कथकलि), फान्जौबम इबोतोन सिंह (मणिपुरी), रत्ना कुमार (कूचिपूडि़), अरुणा मोहन्ती (ओडिसी), माणिक बड़बायन (सत्रिय), उत्तरा अशा कूर्लावाला (सृजनात्मक नृत्य), कलामंडलम पेनकुलम रामन (कूटियाट्टम) व एस राजेश्वरी (भरतनाट्यम) को अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
नाटक के क्षेत्र में डी विजय भास्कर (नाट्य लेखन, तेलुगु), आत्मजीत (नाट्यलेखन, पंजाबी), वीणापाणि चावला (निर्देशन), उर्मिल कुमार थपलियाल (निर्देशन), दिलीप प्रभावलकर (अभिनय), बनवारी तनेजा (अभिनय), माया कृष्ण राव (अभिनय) व स्वातिलेखा सेनगुप्ता (अभिनय) को उक्त पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
पारंपरिक, लोक, जनजातीय नृत्य, संगीत, नाटक एवं पुतुलकला के क्षेत्र में हरभजन सिंह नामधारी (गुरबाणी कीर्तन), नजीर अहमद खान वारसी व नसीर अहमद खान वारसी (कव्वाली), द्विजेन मुखर्जी (रवींद्र संगीत), टी सोमसुंदरम (लोकनृत्य), कृष्णा कुमारी (लोक संगीत), चंदाताई जगदीश तिवाड़ी (लोक
नाटक), के चिन्न अंजनम्मा (छाया पुतुल), केवी रामकृष्णन व केसी रामकृष्णन (दस्ताना पुतुल) को सम्मानित किया गया। प्रदर्शन कलाओं में समग्र्र योगदान/विद्वता के क्षेत्र में अशोक डी रानाडे (संगीत) व जयदेव तनेजा (नाटक) को सम्मानित किया गया। उपराष्ट्रपति ने इन लोगों को स्मृति चिन्ह व एक लाख का चेक प्रदान किया गया। इस दौरान सांस्कृतिक मंत्री कुमारी शैलजा, संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष लीला सैमसन आदि उपस्थित रहीं।
नाटक), के चिन्न अंजनम्मा (छाया पुतुल), केवी रामकृष्णन व केसी रामकृष्णन (दस्ताना पुतुल) को सम्मानित किया गया। प्रदर्शन कलाओं में समग्र्र योगदान/विद्वता के क्षेत्र में अशोक डी रानाडे (संगीत) व जयदेव तनेजा (नाटक) को सम्मानित किया गया। उपराष्ट्रपति ने इन लोगों को स्मृति चिन्ह व एक लाख का चेक प्रदान किया गया। इस दौरान सांस्कृतिक मंत्री कुमारी शैलजा, संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष लीला सैमसन आदि उपस्थित रहीं।



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