गागर में सागर : स्मिता

vigyan aur hum

विज्ञान को अगर रोचक तरीके से लिखा जाए, तो किशोर छात्रों के लिए यह विषय जानकारीपरक होने के साथ-साथ मजेदार भी हो सकता है। विज्ञान को कुछ ऐसा ही बनाने का प्रयास किया है वरिष्ठ विज्ञान लेखक देवेन्द्र मेवाड़ी ने। देवेन्द्र लगभग 25 पुस्तकें लिख चुके हैं, जिनमें से ज्‍यादातर विज्ञान पर आधारित हैं। ‘विज्ञाननामा’, ‘सूरज के आंगन में’, ‘विज्ञान बारहमासा’, ‘सौरमंडल की सैर’ आदि प्रमुख किताबें हैं, जो किशोरों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। विज्ञान को सरल और रोचक अंदाज में लिखने के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित भी किया जा चुका है। लेखक उत्तराखंड के नैनीताल जिले से हैं। जो व्यक्ति प्रकृति के बीच ही पला-बढ़ा है, उससे बेहतर प्रकृति को और कौन समझ सकता है?

देवेन्द्र ने ‘वि‍ज्ञान और हम’ में कम शब्दों में विज्ञान के कई पहलुओं को खेल-खेल में बताया है। ‘सुनो मेरी बात’ अध्याय में लेखक ने अपने स्कूल और कॉलेज के दिनों को याद करते हुए विज्ञान के प्रति अपनी रुचि के पनपने की बात बताई है। आसमान में चमकते सूरज, चांदनी बिखेरते चांद, आकाश में अनगिनत तारों, पहाड़, घाटियों, मैदानों, नदियों, पेड़-पौधों के बारे में भी ढेरों सवाल रहते हैं। अमीर खुसरो की एक पहेली ‘एक थाल मोती भरा..’ की मदद से लेखक ने सौरमंडल के बारे में बड़े ही रोचक अंदाज में बताया है। उन्होंने एक पत्र के माध्यम से पृथ्वी के बारे में कुछ खास जानकारियां दी हैं, जिससे जटिल टॉपिक भी पठनीय बन जाता है। आगे एलियन के माध्यम से पृथ्वी, उसकी गोलाई, लंबाई, भार, केंद्र के तापमान आदि के बारे में बिल्कुल अलग तरीके से पेश किया है। इसके अलावा, समुद्र की अनोखी दुनिया, धरती के तपने और पर्यावरण और पर्यावरण संरक्षण के उपायों के बारे में बड़े ही आकर्षक ढंग से बताया है।

‘ताबीज’ नाटक के माध्यम से उन्होंने अंधविश्वासों के पीछे के सत्य को उजागर करने की कोशिश की है। इस किताब की जान है महान गणितज्ञ आर्यभट्ट, वैज्ञानिक मेघनाद साहा और माइकेल फैराडे के जीवन की झलकियों की दिलचस्प अंदाज में प्रस्तुति। यदि कहानी के फॉर्मेट और सरल भाषा में बात कही जाए, तो कठिन विषय भी आसानी से समझा जा सकता है। माता-पिता अपने बच्‍चों के लिए यह किताब खरीद कर उनका ज्ञानवर्धन कर सकते हैं।

(दैनि‍क जागरण के राष्‍ट्रीय संस्‍करण्‍, 08 मई 2016 से साभार)

पुस्‍तक- वि‍ज्ञान और हम
लेखक- देवेन्‍द्र मेवाड़ी
मूल्य – अजि‍ल्‍द-140 रुपये, सजि‍ल्‍द – 260 रुपये
प्रकाशक – लेखक मंच प्रकाशन
433, नीति‍खंड-3, इंदि‍रापुरम
गाजि‍याबाद-201014
ईमेल-anuraglekhak@gmail.com



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